शब्द समाज सरोकार सम्मान 
  बेंगलूर में रविवार 23 दिसंबर 2012 को भारतीय विद्याभवन.
 
 
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मथुरा कलौनी की नाट्यपुस्तक का बीजिग में लोकार्पण। अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में गुरू घासीदास सम्मान मिला।

चीन में गत दिनों संपन्न 9वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में बेंगलूर के वरिष्ठ साहित्यकार नाटककार मथुरा कलौनी की नाट्य पुस्तक ‘कब तक रहें कुँवारे’ का लोकार्पण मशहूर साहित्यकार खगेंद्र ठाकुर ने किया। चीन की राजधानी बीजिंग के ताईसुन बिजनेस होटल में 20 और 21 जून 2014  को संपन्न हिंदी सम्मेलन में श्री कलौनी ने आज के दौर के ज्वलंत विषय ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ पर लिखे अपने नये लघुनाटक ‘तू नहीं और सही’ का वाचन भी किया।

समारोह में श्री मथुरा कलौनी को ‘गुरु घासीदास सम्मान’ से भी अलंकृत किया गया। समारोह में चीन और भारत के करीब 60 साहित्यकारों ने हिस्सा लिया।
   
   

मथुरा कलौनी सातवें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में सम्मानित कंबोडिया में मथुरा कलौनी के चर्चित नाटक ‘कौन हो तुम बृहन्नला’ का का नाट्य पाठ

बेंगलूर में बसे वरिष्ठ साहित्यकार मथुरा कलौनी को सेमरिप (कंबोडिया) में आयोजित सातवें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में प्रमेाद वर्मा सम्मान ये अलंकृत किया गया है। श्री कलौनी को यह सम्मान साहित्य में उनके योगदान के लिये दिया गया।
प्रख्यात व्यंग्यकार श्री हरीश नवल के मुख्य आतिथ्य् एवं संगीतकार कल्याण सेन की अध्यक्षता में संपन्न समारोह में उक्त पुरस्कार प्रदान किया गया। मथुरा कलौनी 14 जून से 24 जून तक आयोजित इस सातवें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय रचना पाठ सत्र के विशिष्ट अतिथि भी रहे। उन्होंने इसी सत्र में अपने चर्चित नाटक ‘कौन हो तुम बृहन्नला’ के अंश का बहुत ही प्रभावशाली वाचन भी किया।
सातवें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन भाप्रसे के पूर्व अधिकारी अमरसिंह राठौर के मुख्य आतिथ्य और श्रीमती संतोष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में सर्वश्री समुद्र सिंह, कल्याण सिंह राजावत, राकेश अचल, श्रीमती संगीता गुप्ता और श्रीमती सविता मोहन अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
 
सम्मान पत्र
 
शब्द समाज सरोकार सम्मान
बेंगलूर में रविवार 23 दिसंबर 2012 को भारतीय विद्याभवन में शब्द साहित्यिक संस्थान द्वारा आयोजित समारोह में 'शब्द समाज सरोकार सम्मान' प्रदान करते हुए प्रख्यात सहित्यकार एवं समालोचक डॉ नामवर सिंह तथा केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो नई दिल्ली के निदेशक श्रीनारायण समीर।  शब्द की संस्थापिका श्रीमती सरोजा ब्यास तथा कन्नड़-हिन्दी साहित्यकार डा चंद्रकान्त कुसनूर भी उपस्थित थे।
     
विषकन्या और दस कहानियॉं
'विषकन्या और दस कहानियॉं ' का शब्द समारोह में डा नामवर सिंह के करकमलों द्वारा विमोचन
     
2013  - कलायन ने 25 साल पूरे किये।
साल के आरंभ में ‘दशा’ कोलाज के अंतर्गत चार नाटकों का मंचन, एक शानदार प्रस्तुति रही। अक्टूबर 5 और 6  को ‘उसने कहा था’ का मंचन हुआ। नाटक पं. चंद्रधरशर्मा गुलेरी की विख्यात कहानी पर आधारित था। नाटक के पॉच शो बेंगलूर के एलियांस में खेले गये।